केंद्रीय मंत्री (central minister) नारायण राणे (Narayan Rane) को गिरफ्तार कर लिया गया है और ये गिरफ्तारी की गई है महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra Police) द्वारा। आरोप बस इतना है कि उन्होंने उद्धव ठाकरे (Uddhav thakare) के बारे में कुछ आपत्तिजनक बातें कहीं हैं। आपत्तिजनक बातें की हैं यहां तक तो ठीक है, कोई इतनी छोटी गलती में केंद्रीय मंत्री जेल गया हो यह आज तक भारत के इतिहास में नहीं हुआ और वो भी बिना लोक सभा स्पीकर की मंजूरी के बिना। क्योंकि हम सभी ने यह जरूर देखा है केंद्रीय मंत्री छोड़िए कोई सांसद भी है और उसने बड़े से बड़े अपराध क्यों ना किए हो, उस सांसद के लिए भी सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे रातों-रात खुल जाते हैं। आप सभी ने देखा होगा कि किस तरह से सहाबुद्दीन मामले मेंं, किस तरह से मुख्तार अंसारी के मामले में सुप्रीम कोर्ट और कई लिब्रल लोगों ने कहा कि इन लोगों की गिरफ्तारी पर ध्यान रखा जाना चाहिए। लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने केवल एक उद्धव ठाकरे के ऊपर टिप्पणी को लेकर, जितनी तेरी महाराष्ट्र सरकार ने नारायण राणे को गिरफ्तार करने में लगाई, और जो अन्य मामले हैं जो यहां किसी एक व्यक्ति से ऊपर उठकर देश का मामला था वहां उद्धव सरकार ने तेजी नहीं दिखाई।
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| Narayan Rane Uddhav thakare |
और यह मामला था, शरजील उस्मानी को लेकर, जिसने भारत माता के बारे में अपशब्द बातें कही थी। उसके खिलाफ महाराष्ट्र सरकार ने अब तक कोई कार्यवाही नहीं की, सवाल यह उठ रहा है हमारी भारत माता हमारा देश क्या उद्धव ठाकरे से ऊपर है। कि उद्धव ठाकरे को यदि कोई कुछ कह दे, तो तुरंत तत्काल जेल होगी, और वह भी बिना किसी नियमों को ध्यान में रखते हुए। क्यों की बता दे नारायण राणे एक केंद्रीय मंत्री और संसद है। इनकी गिरफ्तारी से पहले हमारे देश का संविधान कहता है की लोकसभा स्पीकर से परमिशन लेनी होती है। यह परमिशन नहीं ले गई, बिना परमिशन के यह गिरफ्तारी की गई है, जो कि असंवैधानिक है। अब सवाल ये उठता है कि पुलिस के अधिकारियों ने जो यह गिरफ्तारी की है, जो यह असंवैधानिक काम किया गया है आखिरकार यह किसके दबाव में किया गया है क्या अब इन पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। नारायण राणे एक ऐसे नेता हैं जो पूरी की पूरी शिवसेना पार्टी को अकेले ही चुनौती दिया करते हैं

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